आईने के सौ टुकड़े करके

आईने के सौ टुकड़े करके हमने देखे हैं फिर क्या...
माँ से मार खाई और खुद ही इकट्ठा करके फेकें हैं

अब तो बता दो मुझे तकलीफ क्या थी

आरक्षण से बने डाक्टर ने खुद के बारे मे कहा...
हमारी शख्शियत का अंदाज़ा तुम क्या लगाओगे ग़ालिब,,
जब गुज़रते है क़ब्रिस्तान से
तो मुर्दे भी उठ के पूछ लेते हैं...
कि डाक्टर साहब
अब तो बता दो मुझे तकलीफ क्या थी

क्या ख़ूब लिखा है

क्या ख़ूब लिखा है
परखो तो कोई अपना नही
समझो तो कोई पराया नहीं

आप उन्हें दिन में बोलने का मौका दिया करें

पत्नी: डॉक्टर साहब मेरे पति को रात में बड़बड़ाने की आदत है, कोई उपाय बताएं।
डॉक्टर: आप उन्हें दिन में बोलने का मौका दिया करें

टीचर ने बच्चे की काँपी पर नोट

टीचर ने बच्चे की काँपी पर नोट लिख कर भेजा
कृपया बच्चोँ को नहला कर भेजा करेँ
जवाब में बच्चे की माँ ने लिखा
कृपया बच्चों को पढ़ाया करें सूंघा न करें

वरना वो बुरा मान जायेंगे

रिश्तेदारों की सबसे बड़ी गलतफहमी काफी दिनों से इनके घर नहीं गये हैं आज चलते हैं,
वरना वो बुरा मान जायेंगे

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